Kia इंडिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है! कंपनी ने भारत से 2.50 लाख से अधिक वाहनों का निर्यात किया है. यह उपलब्धि कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो सिर्फ 5 साल पहले ही शुरू हुई थी.
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Kia सेल्टोस बना निर्यात में धाक जमाने वाला मॉडल
निर्यात किए गए कुल वाहनों में से किआ सेल्टोस मिड-साइज़ एसयूवी सबसे आगे रही है. कंपनी ने अब तक 149,952 यूनिट्स का निर्यात किया है. इसके बाद किआ सॉनेट और कैरेंस का स्थान आता है जिनका निर्यात क्रमशः 34% और 7% रहा है.
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निर्यात के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी मजबूत उपस्थिति
किआ सिर्फ निर्यात में ही नहीं बल्कि घरेलू बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है. सेल्टोस, सॉनेट और कैरेंस की अच्छी प्रतिक्रिया के दम पर कंपनी भारत में पांचवीं सबसे बड़ी कार निर्माता बनकर उभरी है. आने वाले समय में और भी नए मॉडल लाने की कंपनी की योजना है.

भारत किआ कॉर्पोरेशन के लिए महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र
किआ इंडिया, किआ कॉर्पोरेशन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र के रूप में कार्य करता है. हाल के वर्षों में, हालांकि, कंपनी ने अपना ध्यान स्थानीय बाजार की ओर स्थानांतरित कर दिया है और इस साल से भारत के लिए अपने 90% वाहनों का उत्पादन करने की योजना बना रही है.
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100 से अधिक देशों में होता है निर्यात
वर्तमान में, किआ इंडिया अपने उत्पादन संयंत्र से 100 से अधिक वैश्विक बाजारों में निर्यात करती है, जिनमें दक्षिण अफ्रीका, चिली, पैराग्वे और लैटिन अमेरिका के विभिन्न देश प्राथमिक गंतव्य हैं.
उपलब्धि पर किआ के अधिकारी का बयान
इस उपलब्धि के बारे में बोलते हुए, म्युंग-सिक सोहन, मुख्य बिक्री अधिकारी, किआ इंडिया ने कहा, “गुणवत्ता और नवाचार के प्रति हमारे समर्पण ने हमें इस मील के पत्थर तक पहुंचाया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे मेड इन इंडिया वाहनों की सफलता गुणवत्ता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. हम जल्दी ही किआ कॉर्पोरेशन के लिए एक प्रमुख बाजार बन गए हैं और इस गति को बनाए रखने का लक्ष्य रखते हैं. हालांकि हमारा ध्यान घरेलू बाजार पर है, हम इस साल अपने निर्यात को स्थिर रखने की योजना बना रहे हैं.”
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आंध्र प्रदेश में स्थित संयंत्र बना निर्यात का अहम केंद्र

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में स्थित यह संयंत्र, जिसने लगभग पांच साल पहले परिचालन शुरू किया था, ब्रांड के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में तेजी से एक आवश्यक निर्यात केंद्र बन गया है. अप्रैल 2017 में, किआ इंडिया ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ अनंतपुर जिले में एक विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे.
उत्पादन क्षमता और अब तक की उपलब्धियां
अगस्त 2019 में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हुआ, जिसमें यह सुविधा 3 लाख वाहनों की वार्षिक उत्पादन क्षमता का दावा करती है. अब तक, किआ इंडिया ने अपने आंध्र प्रदेश संयंत्र से 1.2 मिलियन से अधिक वाहनों को भेज दिया है, जिसमें घरेलू रूप से बेची गई 9.80 लाख से अधिक इकाइयां और 2.50 लाख से अधिक निर्यातित इकाइयां शामिल हैं.
निष्कर्ष
किआ इंडिया ने निर्यात में 2.5 लाख का आंकड़ा पार करके एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है. यह उपलब्धि कंपनी की भारत में मजबूत उपस्थिति और “मेड इन इंडिया” वाहनों की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाती है. सेल्टोस मॉडल ने निर्यात में अग्रणी भूमिका निभाई है, वहीं कंपनी स्थानीय बाजार पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है और जल्द ही भारत में बनने वाले वाहनों का 90% घरेलू बिक्री के लिए लक्षित कर रही है. किआ इंडिया के आने वाले समय में और भी नए मॉडल लॉन्च करने की उम्मीद है, जिससे कंपनी भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत बना सकेगी.
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