Maruti Suzuki Electric Hatchback: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने हाल ही में यह संकेत दिया है कि मारुति सुजुकी भारत में इलेक्ट्रिक हैचबैक लाने पर विचार कर रही है।
आगामी वर्ष में कंपनी eVX मिड-साइज़ इलेक्ट्रिक SUV के साथ इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में कदम रखेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी प्लेटफॉर्म पर एक इलेक्ट्रिक MPV को भी लाया जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी विभिन्न मूल्य सीमाओं और बॉडी स्टाइल में इलेक्ट्रिक वाहन लाने की योजना बना रही है, जिसमें हैचबैक सेगमेंट भी शामिल है। ये मॉडल आने वाले कुछ सालों में लॉन्च किए जा सकते हैं। यह माना जा रहा है कि आगामी इलेक्ट्रिक हैचबैक 2023 के टोक्यो मोटर शो में प्रदर्शित eWX concept से प्रेरित हो सकती है।
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2030 तक भारत में प्रीमियम हैचबैक की बिक्री 10 लाख यूनिट से अधिक होने का अनुमान

ताकेउची का मानना है कि 2030 तक भारत में प्रीमियम हैचबैक की वार्षिक बिक्री 10 लाख यूनिट से अधिक हो सकती है, जो कि मौजूदा लगभग 7 लाख यूनिट से काफी अधिक है। हालांकि हैचबैक और सेडान सेगमेंट की कुल बिक्री वॉल्यूम में वित्त वर्ष 2024 में 11.3% की गिरावट आई है और यह मात्र 1.7 मिलियन यूनिट रह गई है, लेकिन ताकेउची इस सेगमेंट में भारी क्षमता देखते हैं और आशावादी बने हुए हैं।
वर्ष 2030 तक भारत में 6 इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की महत्वाकांक्षी योजना
वर्ष 2024 में, मारुति सुजुकी ने हैचबैक और सेडान सेगमेंट में 63% की बाजार हिस्सेदारी हासिल की है। वहीं दूसरी ओर, कंपनी ने पिछले दो वर्षों में लगातार अपने यूटिलिटी वाहन (UV) पोर्टफोलियो का विस्तार किया है और इसका फायदा भी कंपनी को मिला है, क्योंकि मारुति सुजुकी पिछले साल सबसे ज्यादा बिकने वाली UV निर्माता कंपनी रही थी। कंपनी की भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में वित्त वर्ष 2030 तक भारत में छह इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करना शामिल है।
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दोपहिया वाहनों से कारों की ओर रुख करने वाले ग्राहकों से हैचबैक सेगमेंट में वृद्धि की उम्मीद
ताकेउची ने यह भी बताया है कि हैचबैक सेगमेंट में वृद्धि का एक प्रमुख कारक दोपहिया वाहनों से कारों की ओर रुख करने वाले ग्राहकों की बढ़ती संख्या हो सकती है। यह बदलाव सेगमेंट में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि अधिक से अधिक लोग किफायती और व्यावहारिक कार विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले मारुति सुजुकी ने वैगनआर इलेक्ट्रिक का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन यह व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सका। फिलहाल, सिट्रोएन eC3, टाटा टियागो EV और MG कॉमेट जैसी मॉडल किफायती इलेक्ट्रिक हैचबैक स्पेस में मौजूद हैं और आने वाले समय में विभिन्न ब्रांडों के नए मॉडल शामिल होने के साथ इस क्षेत्र में और भी अधिक विकास होने की उम्मीद है। मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक वाहनों की रणनीति निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर आक्रामक रणनीति देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने का काम करेगी। किफायती और व्यावहारिक विकल्पों के साथ विभिन्न सेगमेंट में प्रवेश करने की कंपनी की योजना निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में मारुति सुजुकी कौन-से इलेक्ट्रिक वाहन लाती है और वह किस प्रकार से प्रतिस्पर्धा करती है।
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